दिग्विजय सिंह ने पूछा, केवल मुस्लिम युवा ही एनकाउंटर का क्यों हाते हैं शिकार

हिन्दी न्यूज लेटेस्ट, भोपाल
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिमी के आठ आतंकियों के सुरक्षा बलों से हुए एनकाउंटर के मामले में ट्विटर के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मुस्लिम युवा ही एनकाउंटर में कैसे मारे जाते हैं। पुलिस केवल निहत्‍थे मुस्लिम युवाओं का ही एनकाउंटर करती है। हर बार केवल मुस्लिम युवा ही उनके निशाने पर कैसेट रहते हैं।   इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद केवल सिमी के आठ आतंकी ही जेल भागने में कैसे सफल रहे। जेल में अन्य कैदी भी मौजूद थे, लेकिन केवल सिमी के आतंकियों को ही भागने का मौका कैसे मिल गया।

दिग्विजय सिंह ने सीधे तौर पर शिवराज सिंह चौहान की मंशा पर शक जताते हुए कहा कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि सिमी आतंकियों को मार गिराने की राज्य सरकार की सोची समझी साजिश है। उन्‍होंने कहा कि सिमी के आतंकियों को केवल इसलिए मार गिराया गया क्योंकि मध्यप्रदेश सरकार को यह शक था कि यह आतंकी उनके बहुत गहरे राज जान चुके हैं। वह सरकार को लोगों के बीच बेनकाब कर देंगे, इसलिए साजिश के तहत उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआइए ) से कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसपर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें एनआइए की जांच पर जरा भी भरोसा नहीं है। एनआइए केन्द्र सरकार के अंतर्गत काम करती है। उन्हें शक है कि अगर एनआइए जांच करेगी तो पूरे मामले को रफादफा कर दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच केवल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में ही की जानी चाहिए। तभी लोगों के सामने दूध का दूध और पानी का पानी आ सकेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल की सेंट्रल जेल में बड़े स्तर पर गड़बड़ झाला चल रहा है। पूरी साजिश के तहत पहले आतंकियों को जेल से भगाया गया, फिर निहत्थे युवकों को मौत के घाट उतार दिया गया।

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