नेशनल हेराल्ड मामले में 26 दिसंबर को सोनिया-राहुल को लेकर अहम फैसला

नई दिल्ली: बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट अदालत 26 दिसंबर को अहम फैसला सुनाएगी। दरअसल, इसी दिन इस बात को लेकर निर्णय लिया जाएगा कि बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को कांग्रेस पार्टी की बैलेंस शीट की जानकारी बतौर सुबूत मिलेगी या नहीं। अगर यह दस्तावेज स्वामी को मिल गई तो नेशनल हेराल्ड अखबार की 90 करोड़ रुपये की संपत्ति को हड़पने के जो आरोपी सोनिया राहुल पर लगे हैं उन्हें साबित कर पाना आसान हो जाएगा।

नेशनल हेराल्‍ड अ‍खबार की बिल्डिंंग
नेशनल हेराल्‍ड अ‍खबार की बिल्डिंंग

अदालत ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता मोती लाल वोरा, ऑस्कर फर्नानडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा आरोपी हैं। महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें पूरी होने के बाद उसपर अपना आदेश सुरक्षित रखने का फैसला सुनाया।

गांधी परिवार की तरफ से दलील दी गई थी कि उन्हें बेवजह प्रताडि़त करने के मकसद से अदालत के समक्ष यह याचिका लगाई गई है। जिन दस्तावेजों की स्वामी मांग कर रहे हैं वह कांग्रेस पार्टी और एजेएल के गोपनीय दस्तावेज हैं। यह दस्तावेज स्वामी को नहीं दिए जाने चाहिएं।

मजिस्ट्रेट अदालत ने पहले स्वामी की याचिका पर उन्हें दस्तावेज मुहैया कराने की मंजूरी दे दी थी। हालांकि हाई कोर्ट ने इस फैसले को यह कहते हुए रद कर दिया था कि निचली अदालत ने आरोपियों को अपना पक्ष ठीक से रखने का मौका नहीं दिया था। हाई कोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालत को याचिका पर फिर से सुनवाई करने के आदेश दिए थे।

स्वामी का कहना था कि षड्यंत्र के तहत सभी आरोपियों ने यंग इंडिया के नाम से एक कंपनी बनाकर नेशनल हेराल्ड अखबार की पब्लिशर एसोसिएटिड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को अपने कब्जे में ले लिया गया। जिसके चलते करीब 90 करोड़ रुपये की संपत्ति का अधिकार यंग इंडिया को मिल गया।
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