बुजुर्गों के जरिए कमीशन पर नोट बदलवा रहे धन्ना सेठ

नई दिल्‍ली: दिन चाहे कोई भी हो, लेकिन काला धन रखने वाले धन्ना सेठ अपना काम करवाने के लिए कोई न कोई जुगाड़ ढूंढ ही लेते हैं। जनधन खातों के माध्‍यम से रुपय डलावाने व लेबर का इस्तेमाल करने के बाद शनिवार को ऐसे मामले सामने आए जिसमें बुजुर्गों को कमीशन पर नोट बदलवाने के लिए इस्तेमाल किया गया। मुस्लिम वृद्ध द्वारा एक हिन्दू युवक को अपना सगा बेटा बताकर बैंक में रुपया बदलवाने के लिए भेजने का मामले भी सामने आया। इससे स्‍पष्‍ट है कि बुजुर्गों को नोट बदलवाने के लिए इस्‍तेमाल किया जा रहा है।

दरअसल, केन्द्र सरकार के निर्देश पर शनिवार का दिन केवल बुजुर्गों के नोट बदलवाने के लिए रिजर्व रखा गया था। इसका फायदा लाखों व करोड़ की काली कमाई करने वाले बड़े व्यवसायियों ने भी उठाया। दरियागंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के एक कर्मचारी ने बताया कि बुजुर्गों की आड़ में कोई ओर ही रुपये बदलवाने के लिए आ रहे हैं। ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां बुजुर्ग अपने बेटे बहुओं के खाते में रुपये जमा करवाने व नोट बदलवो के लिए उनके पास पहुंचे। कुछ लोग तो ऐसे भी मिले जो अज्ञात लोगों को अपने परिवार का सदस्य बताकर उनके खातों में रुपये डलवाने का प्रयास कर रहे थे।

इमरान नामक एक 68 वर्षीय बुजुर्ग ने तो रमेश गुप्ता नामक एक युवक को अपना बेटा बताया और कहा कि उन्हें बेटे के खाते में दो लाख रुपये जमा करवाने हैं। हालांकि ऐसे लोगों को बैंक से खाली हाथ ही लौटना पड़ा। केवल बुजुर्गों के लिए बैंक खुले होने के कारण शनिवार को बैंकों के बाहर कतारें कुछ छोटी दिखीं। हालांकि एटीएम मशीन पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। यहां करीब 150 से 200 मीटर तक की कतारें आसानी से दिख जाएंगी। जानकार बताते हैं कि एटीएम से नोट निकलवाते वक्त व बैंक से नोट बदलवाते वक्त हाथ में स्याही लगाने की नई योजना का फायदा आने वाले दिनों में देखते को मिलेगा। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर स्थिति में कुछ सुधार जरूरी होगा।

Leave a Comment