सिमी आतंकियों ने फरार होने के लिए क्‍यों चुनी दिवाली की रात ?

नई दिल्‍ली: भोपाल की जेल से फरार होने के बाद एनकाउंटर मेंं मारे गए सिमी के आठ आतंकी जेल से फरार होने की योजना महीनोंं से बना रहे थे, लेकिन उन्‍होंने इसे क्रियांवित करने के दिवाली के त्‍यौहर की ही रात ही क्‍यों चुनी। जानकार बताते हैं कि दीवाली की रात अधिकारी व कर्मचारी जश्‍न के माहौल में थे। जेल परिसर में सभी कैदियों को मिठाई बांंटी जा रही थी। किसी ने इस बात का अंदाजा भी नहीं लगाया था कि सिमी के यह कुख्‍यात आतंकी त्‍योहार के जश्‍न की आड़ में जेल से भागने का प्रयास कर सकते हैं।

भोपाल की इसी सेंट्र्ल जेल से भागे सिमी आतंकी।
फोटो- भोपाल की इसी सेंट्रल जेल से भागे सिमी आतंकी।

जानकारों की माने तो भोपाल की सेंट्रल जेल काफी भीड़भाड़ वाले इलाके के बीच स्थित है। जिसके कारण दीवाली पर रिहायशी इलाकों से आने वाला पटाखों का शोर भी काफी अधिक था। पटाखों के शोर में सिमी आतंकियों ने जिस होशियारी के साथ इस वारदात को अंजाम दिया इसका अंदाजा किसी  ने भी नहीं लगाया था।

एक अधिकारी ने बताया कि देर रात सिमी के आठ आतंकियों ने जेल की दीवार फांदने से पहलेे सुरक्षा में तैनात गार्ड की हत्‍या की। बड़ेे ही बर्बाता पूर्ण तरीके से किसी धारदार हथियार से गार्ड का गला रेतने के बाद उसे मौत के घाट उतारा गया। जेल से भागने के बाद वह रिहायशी इलाकों में छुुपने का प्रयास करने लगेे।

स्‍थानीय लोगों ने की सुरक्षा बलों की मदद

एक अधिकारी ने बताया कि सिमी आतंकियों के फरार होने की खबर जैसे ही स्‍थानीय लोगों के बीच पहुंची तो वह अलर्ट हो गए। आसपास के इलाकों मेंं मध्‍यप्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने कोंबिंग आॅॅपरेशन चलाया। करीब आठ घंटे बाद स्‍थानीय लोगों की सूचना पर जेल से करीब 12 किलोमीटर दूर आतंकियों को लोकेट कर लिया गया। अधिकारी के मुताबिक आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्‍होंने सुरक्षा बलों पर गोली बरसानी शुरू कर दी। कई घंटों की मशक्‍कत के आद उन्‍हें मौत के घाट उतार दिया गया। सुरक्षा बलों ने जब सभी आतंकियों काेे मार गिराने की पुष्टि की तभी जाकर स्‍थानीय लोगों ने चैन की सांस ली।

मामले की जांच एनआइए को सौंपी गई

मध्‍यप्रदेेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे घटनाक्रम की जाच राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए को सौंपने का निर्णय किया। उन्‍होंने कहा कि इस बात का पता लगाया  जाना बेहद जरूरी है कि आखिर किन परिस्थितियों में वह जेल से भाग पाने में सफल हुए। इस पूरे घटनाक्रम में जेल प्रशासन से जुड़े लोगों की भूमिका से इंकार नहींं किया जा सकता है। लिहाजा निश्‍पक्ष जांच के लिए राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी से इसकी जांच कराई जानी बेहद जरूरी है।

 

COMMENTS

Leave a Comment