दिल्ली पुलिस के रिश्वतखोर एसएचओ को चार साल कैद की सजा, पहुंचा जेल

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस का एक इंस्पेक्टर इस कदर बेईमान हो गया कि जनता उसके आतंक से त्राहि त्राहि करने लगी। लेकिन इस इंस्पेक्टर के कुकर्म उसकी उम्र के आखिरी पड़ाव पर इस कदर आगे आ गए कि अब उसे अपनी आगे की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा सलाखों के पीछे गुजारना पड़ेगा। जी हां, दिल्ली पुलिस के छावला थाने में एडिशनल एसएचओ को पटियाला हाउस कोर्ट ने रिश्वतखोरी के मामले में चार साल कैद की सजा सुनाई है।

कैसे मिली भ्रष्‍ट अधिकारी को सजा

इस्पेक्टर राम निवास यादव उर्फ पवलिया ने वर्ष 2014 में 59 साल की उम्र में एक लाख रुपये की रिश्वत लेने का अपराध किया था। उस वक्त उसकी रिटायर्मेंट को महज 10 माह का वक्त बचा था, लेकिन बुराई जितना भी पैर पसार ले, उसका अंजाम बुरा ही होता है। इंस्पेक्टर द्वारा सताए गए एक युवक ने यह ठान ली कि वह उसके आगे झु़केगा नहीं। बस फिर क्या था। उसने सारी तकलीफों को सहते हुए इंस्पेक्टर को जाल में फंसाया। गुडग़ांव के होटल क्राउन प्लाजा में हुई मीटिंग के दौरान उसपर दर्ज हत्या के मामले को निपटाने के लिए इंस्पेक्टर ने पांच लाख रुपये की मांग की। मामला बाद में दो लाख रुपये में सेटल हो गया। इस शख्स ने हिम्मत दिखाते हुए इसकी जानकारी सीबीआइ को दे दी। सीबीआइ ने जाल बिछाया। दो लाख रुपये में से एक लाख रुपये की पहली किश्त देते वक्त इंस्पेक्टर राम निवास यादव को सीबीआइ ने रंगे हाथों दबोच लिया।

पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष सीबीआइ जज विनोद कुमार ने कहा कि दोषी इंस्पेक्टर ने अपने पद का दुरुपयोग किया। लिहाजा उसे भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया जाता है। इस्पेक्टर को चार साल कैद की सजा सुनाई गई। साथ ही उसपर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इससे पूर्व सरकारी वकील ने मांग की थी कि दोषी को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि समाज के समक्ष यह मामला एक नजीर की तरह पेश किया जा सके। वहीं दोषी ने पारिवारिक समस्याओं का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरते जाने की मांग की थी।

delhi-police-corrupt-inspecter-case
अदालत ने दोषी की एक नहीं सुनी और उसे चार साल कारावास की सजा सुनाते हुए हिरासत में लेने का हुक्म सुना दिया। दोषी को अब तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। इससे पूर्व वह जमानत पर जेल से बाहर था।

Leave a Comment